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नई पीढ़ी के बहुप्रतिष्ठित हास्य कवि तथा व्यंगकार अभिनव शुक्ल हिन्दी काव्य मंचों पर अपने गुदगुदाते घनाक्षरी छंदों के लिए पहचाने जाते हैं. अपने आस पास घटने वाली घटनाओं से लेकर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर बड़ी बेबाकी से कसे उनके व्यंग बाण किसी पत्थर का भी दिल आर पार करने की क्षमता रखते हैं. अभिनव की रचनायें देश विदेश की अनेक पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं. अनेक अवसरों पर रेडियो और टेलीविजन पर उनका काव्य पाठ प्रसारित हो चुका है. हिन्दी कविता के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम कवितांजलि में भी अभिनव के संचालन को श्रोताओं नें पसंद किया है. अभिनव बैंगलोर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र 'दक्षिण भारत' के नियमित व्यंग स्तंभकार भी रहे हैं. वे ई-विश्वा (अमेरिका), हिन्दी चेतना (कनाडा), कवितांजलि (बैंगलोर) समेत अनेक पत्रिकाओं के संपादक मंडल में रह चुके हैं. हिन्दी ब्लाग जगत में 'निनाद गाथा' नमक चिट्ठे पर फरवरी २००६ से नियमित लेखन करने वाले अभिनव को अखिल भारतीय साहित्य सम्मेलन (२००१), गाज़ियाबाद में 'काव्यश्री' की उपाधि से भी सम्मानित किया गया है.सन २००५ में अभिनव नें प्रख्यात गीतकार सोम ठाकुर और वरिष्ठ कवि उदय प्रताप सिंह के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका के १४ नगरों में हुए कवि सम्मेलनों में अपनी चुटीली कविताओं तथा प्रबुद्ध संचालन प्रतिभा से हजारों प्रवासी साहित्य प्रेमियों को चमत्कृत किया है. अभिनव फिलहाल सिएटल नगरी में रह रहे हैं तथा अपनी कविताओं की सुगंध सारे संसार में बसे भारतीयों के हृदय हृदय में बिखेर रहे हैं.अभिनव बिरला इन्सटीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस, पिलानी से साफ्टवेयर सिस्टम्स में स्नातकोत्तर तथा रूहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली से वैद्युत अभियांत्रकी में स्नातक हैं. वे सम्प्रति में एक प्रतिष्ठित कम्पूटर सम्बन्धी प्रतिष्ठान के गुणवत्ता विभाग में कार्यरत हैं.